STUDENT को आलस बना देता है असफल।

दोस्तो आज हम एक ऐसे टॉपिक पर बात करेंगे जो कि एक student की सफलता और असफलता मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और वो है आपकी जीवनचर्या।एक student की जीवनचर्या में भी एक महत्वपूर्ण बात छुपी हुई है कि student के खुद के जीवन को जीने का तरीका किया है।आज हम बात करेंगे मनुष्य के सबसे बड़े दुश्मन आलस की।अनेक व्यक्ति जब अपने भूतकाल में देखते है तो पाते हैं कि यदि उस समय उन्होंने आलस का त्याग किया होता तो शायद आज उनका करियर कुछ और ही होता। इसलिए दोस्तो आप भी आज से ही तय कर लें कि जब तक हम अपने जीवन में सफल नहीं होते है हम तब तक बिल्कुल आलस नही करेंगे आलस्य का पूर्ण त्याग करेगें।आलस प्रत्येक व्यक्ति के लिए उसका सबसे बड़ा दुश्मन होता है और student को तो आलस से कोसों दूर रहना चाहिए।आलस के कारण ही कभी कभी हमारे बनते काम भी बिगड़ जाते है।इसलिए हमको बचपन से ही आलस से कोसों दूर रहने की सलाह दी जाती है

आज का काम कल पर न टाले

विद्यार्थी को कभी भी आज का काम कल पर नहीं टालना चाहिये और आप सब जानते है student का एक ही काम है और वो आप जानते है विद्या अर्जन ।ऐसे में किसी भी छात्र को ये सोच कभी नहीं रखनी चाहिए कि अरे कल से पढ़ाई शुरू करेंगे या कल से notes बनाएंगे।कल से इस टॉपिक को पढ़ेंगे।या कल से डेली 1 hour math’s पढ़ेंगे।कल इस question paper को सॉल्व करूंगा आदि।ये सब बातें बहुत सारे छात्र छात्राओं के जीवन में आती है और ये ही वो बाते है जो आपको और आपके लक्ष्य को आपसे दूर कर देती हैं और इन सब बातों का सबसे बड़ा जिम्मेदार होता है खुद us विद्यार्थी का आलसी स्वभाव।और जैसा कि हम ने आपको बताया कि आलस आपको आपके लक्ष्य से दूर ले जाएगा आपको स्टूडेंट लाइफ में जिन बातों का सबसे ज्यादा ध्यान रखना है उसमे सबसे पहले स्थान पर आता है आलस से दूर रहना।जब हम अपने लक्ष्य को लेकर बहुत उत्साहित और गंभीर होते है तो हमारे अंदर स्वयं एक ऊर्जा का संचार होता है ।तब हमको उस ऊर्जा का इस्तेमाल करके अपने लक्ष्य को जल्दी से जल्दी प्राप्त कर लेना चाहिए।यदि हमारी आदत आज के काम को कल पर टालने की होगी तो आपको कभी भी अपना मनवांछित लक्ष्य हासिल नहीं हो सकता हैं। कितने ही छात्र ऐसे होते है कि जब वे किसी exam को देकर अपने घर या हॉस्टल आते हैं तो आते ही अपने question papers के answer serach करने लगते हैं और जब अधिकतम क्वेश्चन के answers उनको नहीं मिल जाते तब तक वो चैन से नहीं बैठते जबकि वो कितना ही लंबा सफर तय करके क्यों न आए हों।ये ही लगन कहलाती हैं और ऐसा छात्र आलस को पूर्ण त्याग चुका होता हैं।और उसको केवल अपनी मंजिल नजर आती हैं।ऐसे छात्र अपने questions कितने सही है और कितने गलत है से ही अनुमान लगा लेते हैं कि उनका prelims होगा या नहीं और अपने mains exam ki तैयारी में लग जाते है जबकि अलसी छात्र आते ही अपना question paper इधर उधर फेंक देते हैं और 2 ,4 दिन तक तो वो अपना question paper छूते तक नहीं है उसके बाद फिर वो अपना question paper ढूढ़ते हैं की उन्होंने अपना question paper कहां फेंका था हमको इसी आलस से दूर रहना है।बहुत से छात्र ऐसे भी होते है जो प्रत्येक month current affairs की मैगजीन खरीद कर लाते हैं किंतु आलस मे उसको पढ़ते ही नहीं है कि अभी तो एग्जाम को 10 महीने बाकी है और जब एग्जाम पास आ जाता है तब तक वो मैगजीन इतनी हो जाती हैं कि उनको एक साथ पढ़ना बहुत ही ज्यादा मुश्किल हो जाता हैं।और ऐसे छात्र जो आलस को अपने जीवन से त्याग चुके है वो जिस दिन current affairs की कोई भी पत्रिका खरीदते हैं उसी दिन से उसे पढ़ना शुरू कर देते हैं उसके notes बना लेते है और अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ते जाते है।आलसी छात्र का स्वभाव में ही आलस्य झलकता है वो सोचते हैं कि नोट्स बनाने में कौन मेहनत करे इस से अच्छा है कि कहीं से बने बनाए नोट्स ही मिल जाए परन्तु ऐसी सोच छात्र को अपने मन से निकाल कर मेहनत पर ध्यान देना चाहिए।जब हमने अपने ब्लॉग का ये टॉपिक चुना था तो ये ही सोच कर चुना कि हम students को बता सके कि अनेक छात्र तो केवल आलस के कारण मेहनत ना कर पाने के कारण सफल नहीं हो पाते है।

ऐसी जीवन शैली अपनाए की आलस आपसे दूर भागे।

स्टूडेंट्स को अपनी जीवन शैली मे परिवर्तन करना चाहिए और अपनी जीवन शैली को इस तरह से रखना चाहिए कि आप से आलस अपने आप ही दूर रहे।इसके लिए जरूरी हैं कि आप एक अच्छी और गहरी नींद ले। क्यों कि आप सभी जानते है कि यदि हमारी नींद पूरी नहीं होगी तो हम पूरे दिन आलस मे भरे रहेंगे।इसलिए हर एक छात्र को यह तय कर लेना है कि उसको नियमित रूप से गहरी नींद अवश्य लेनी चाहिए।यदि हम एक अच्छी नींद लेंगे तो हम पूरे दिन अपने को ऊर्जावान महसूस करेंगे ।नींद हम सभी के जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और एक student Jo की पढ़ाई करता है और उसको मानसिक थकान भी होती है ऐसे मे उसको अच्छी नींद से ही मानसिक शांति का अनुभव होगा।एक अच्छी जीवन शैली मे जरूरी हैं कि हम कुछ समय अपने आप को भी दे जिस से कि आलस का भाव हमारे मन में न रहें। वयम भी हमारे जीवन का एक हिस्सा है इसलिए अपनी जीवन शैली मे व्यायाम को भी उचित स्थान दे।संतुलित भोजन ग्रहण करें अपनी diet इस तरह बनाए कि आपको ज्यादा आलस न आए।ज्यादा सोचे नही एक छात्र को पढ़ने के समय पूरा ध्यान पढ़ने पर ही रखना चाहिए।

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