RAJASTHAN PCS SYLLABUS

पाठ्यक्रम –राज्यस्थान के प्रागैतिकसिक स्थ्ल – पुरापाषाण से ताम्र एवं कांस्य युग तक

१़ऐतिहासिक राजस्थान ईस्वी काल मे महत्वपूर्ण ऐतिहसिक केन्द्र। प्राचीन राज्सथान मे समाज ‚धर्म एवं संस्कृति ।

लप्रमुख राजवंशो के महत्वपूर्ण शासकों की राजनीतिक एवं सांकृतिक उपलब्धियां – गुहिल प्रतिहार‚ चाैहान ‚परमार राठोड。सिसोदिया और कच्छावा । मध्यकालीन राजस्थान मे प्रशसानिक तथा राजस्व व्यवस्था।

नआधुनिक राज्यथान का उदय – 19 वी – 20 वी शाताब्दी के दौरान राज्स्थान में सामाजिक जागृति के कारक। राजनीतिक जागरणः समाचार पत्रों एवं राजनीतिक सस्थाओ की भूमिका । 20 वी शताब्दी के दौरान विभिन्न देशी रियासतो में प्रजाण्मडल जनजाति तथा किसान आन्दोलन ‚20वी शताब्दी के दौरान विभिन्न् देशी रियासतों में प्रजामण्डल आन्दोलन ।राज्यथान का एकीकारण।

राज्यस्थान की वास्तु परम्परा – मंदिर ‚किले ‚महल एवं मानव निर्मित जलीय संरचनाएँ ; चित्रकला की विभिन्न् शैलियाँ हस्तशिल्प।

प्रदर्शन कलाः शास़्त्री संगीत एवं शास्त्रीय नृत्य; लाेक संगीत वाध एवं लोक नृत्य ।

भाषा एवं साहित्यः राज्यस्थान भाषा की बोलियाँ । राजस्थान भाषा का साहित्य एवं लेाक साहित्य।

धार्मिक जीवनः धार्मिक् समुदाय‚ राज्यस्थान मेे संत एवं समुदाय। राजस्थान के लोक देवी – देवता ।

राजसथान मेें सामाजिक जीवनः मेले एवं तयाैहार ; सामाजिक रीति – रिवाज तथा परम्परयो ; वेशभूषा एवं आभूषण ।

राजस्थान के प्रभुख व्यकितत्व

भारत का इतिहास

प्राचीनकाल एवं मध्यकालीनः–

१भारत के सास्कृतिक आधार – सिन्धु एवं वैदिक काल ; छठी शताब्दी ई‚ पू‚ की श्रमण परम्परा और नये धार्मिक विचार –ʺ आजीवन ‚बौद्ध तथा जैन।

२‚ प्रमुख राजवंशो के महत्वपूर्ण शासकोे की उपलब्धियाः मोर्य कुषाण ‚सातवाहन ‚गुप्त चालुक्या‚ पल्लव एवं चाेल ।

३‚प्रचीन भारत मे कला एवं वास्तु ।

४‚ सलतनताकालः प्रमुख सल्तन शासकोे की उपलब्धियाँ । विजयनगर की सांस्कृति उपलब्‍ध्यिाँ।

५‚मुगलकालः राजनीतिक चूनौतियाँ एवं सुलह – अफगान ‚राजपूत ‚दक्कनी राज्य और मरठा

६‚ मध्यकाल मेंं कला एवं वास्तु चित्रकाला एंव सगीत का विकास ।

७‚ भक्ति तथा सूफी आंदालन का धार्मिक एंव साहित्यि योगदान।

आधुनिक काल – प्रारम्भिक 19वी शताब्दी से 1964 तक ‚

१आधुनिक भारत का विकास एवं राट्रवाद का उदयःबौद्धिक जागरणः प्रेस; पिश्चिमी शिक्षा । 19 वीं शताब्दी के दोरान सामजिक – धार्मिक सूुधारः विभिन्न् नेता एवं संस्थाएँ ।

२़‚ स्वतंत्रता संघर्ष एवं भारतीय राष्ट्रीय आदनदोलन – विभिन्न् अवस्थाएँ धाराए ‚ माहत्वपूर्ण योगदानकर्ता एवं देश के आलग – आलग हिस्साे का योगदान ।

३‚ स्वातत्रयोत्तार राष्ट्र निर्माण – राज्योे का भाषायी पुनर्गठन ‚नेहरू यूग में सांस्थनिक निर्माण ‚विज्ञान एव तकनीकी का विकास।

विश्व एवं भारत का भूगाेल

विश्व का भूगाेल

१‚प्रमुख स्थलाकृतियॉ – पर्वत ‚पठार मैदान‚ एवं मरूथल ।

२‚प्रमूुख नदियाँ एवं झीले

३‚ कृषि के प्रकार।

४‚ प्रमुख ओधाैगिक प्रदेश ।

५‚ पर्यावीरणीय मुद्ददे – मरूस्थलीकारण ‚वनोन्मूलन ‚जलवायू‚ परिवर्तन एवं ग्लोबिल वार्मिग उष्मीकारण ‚।

भारत का भूगाेल

१‚ प्रमुख स्थालाकृतियाँ – पर्वत एवं मैदान

२‚ मानसून तंत्र व वर्षा का वितरण्‚

३‚प्रमुख नदियाँ एवं झीले‚।

४‚ प्रमुख फसले – गेहूँ चावल ‚कपास ‚गन्ना ‚चाय एवं काॅफीं ।

५‚प्रमुख खनिज – लौह अयस्क ‚मैगनील ‚बॉस्साइट एंव अभ्र्क ।

६‚ उर्जा संसाधान – परम्परागत एवं गैर – परम्परागत।

७‚ प्रमुख ओधोगिक प्रदेश ।

८‚ राष्ट्रीय राजमार्ग एवं प्रमुख परिवहन गलियारे।

राजस्थान का भुगोल

१‚ प्रमुख भू – आकृतिरीक प्रदेश एवं उनकी विशेताएँ ।

२‚ जलवायु की विशेषताएं।

३‚ प्राकृतिक वनस्पति एवं मृदा।

४‚ प्रमुख फसले – गेहूूँ मक्का‚ जौ‚ कपास‚ गन्ना एवं बाजरा।

५‚ प्रमुख उघोग ।

५‚ प्रमुख‚ सिंचाई परयोजनाएँ एवं जल संरक्षण तकनीकें।

६‚जनसंख्या – वृद्धि घनत्व साक्षीरता ‚लिंगानुपात एवं प्रमुख जनजतियाॅ

७‚खनिज – धाव्तिक एवं अधाव्तिक ।

८‚ उर्जा संसाधन – परम्परागत एवं गैर – परम्परागत ।

९‚जैव – विविधत एवं इनका सरंक्षण।

१०‚ पर्यटन स्थल एवं परिपथ ।

भरतीय संविधान ‚राजनीतिक व्यवस्था एवं शासन प्रणाली

भारतीय संविधानः दार्शनिक तत्वः–

१‚ संविधान सभा‚ भारतीय संविधान की विशेषताएं ‚संवैधनिक संशोधन ।

२‚उद्देदशिका ‚मूल अधिकार‚ राज्य नीति के नीति के निदेशक तत्व ‚मूल कर्तव्य।

भारतीय राजनीतिक व्यस्थाः–

१‚राष्ट्रपति‚ प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद‚ संसद उच्चतम न्यायालय और न्यायिक पुनरावलोकन।

२‚ भारत निर्वाचन आयोग ‚नियमंत्र एवं महोलेखा परीक्षक ‚नीति आयोग‚ सतर्कता आयोग‚ लेकपाल‚केन्द्रीय सूचना अयोग एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयेाग।

३‚ सघवाद ‚भारत मे लोकतांत्रिक राजनीति ‚गठबंधन सरकारें ‚राष्ट्रीय एकीकारण ।

राज्यस्थान की राजनीति एवं प्रशासनिक व्यवस्था

राज्य की राजनीत व्यवस्थाः–

राज्यपाल मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद ‚विधानसभा ‚उच्च न्यायालय।

प्रशासनिक व्यवस्थाः –

जिला प्रशासन ‚स्थानीय व्वशासन एवं पंचयती राज संस्थाएं संस्थाँ –ः

लोाक नीति एवं अधिकारः–

राजसथान लोक सेव आयोग‚ राज्य मानवधिकार आयोग ‚लोकायुक्त ‚राज्र्य निर्वाचन आयोगब ‚राज्य सूचना आयेाग।

लोक नीति एवं अधिकारः –

लोक नीति ‚विधिक एवं नगारिक अधिकार – पत्र

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